क्यों महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य हैं पवार, 50 सालों से सियासी धुरंधर

शरद पवार (Sharad pawar) की राजनीति की विशेषता शुरुआती दौर से ही सूझ-बूझ से भरी रही है. यही वजह रही कि साल 1967 में वो एमएलए चुने गए जब उनकी उम्र महज 27 साल थी.

ओडिशा की सरकारी पुस्तिका में गांधी जी की हत्‍या को बताया गया 'दुर्घटना'

महात्‍मा गांधी (Mahatma Gandhi) से संबंधित गलत तथ्‍य प्रकाशित होने पर मचे बवाल के बीच नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) नीत सरकार ने यह पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया है कि स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग ने ऐसी जानकारी प्रकाशित क्यों की.

श्रीनगर में सरकारी क्‍वार्टर में शिफ्ट की गईं महबूबा, बेटी ने की थी मांग

अधिकारियों के मुताबिक पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को अब तक शहर से बाहर रखा गया था, लेकिन शुक्रवार को उन्‍हें शहर के अंदर सरकारी क्‍वार्टर में शिफ्ट कर दिया गया है.

घर-घर खाना पहुंचाने वाली यह महिला अब कांग्रेस के टिकट पर लड़ेगी चुनाव

कांग्रेस (Congress) के टिकट पर मंगलुरु सिटी कॉरपोरेशन चुनाव लड़ने जा रहीं मेघना दास (Meghna Das) का कहना है कि उन्‍हें इसकी कोई संभावना नहीं थी कि उन्‍हें चुनाव (Election) लड़ने के लिए टिकट मिलेगा. लेकिन उन्‍हें भगवान पर पूरा भरोसा था.

विवादित भूमि पर राम मंदिर, मस्जिद के लिए दूसरी जमीन-10 बिंदुओं में समझें फैसला

अयोध्‍या केस (Ayodhya Case Verdict) में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने कहा कि सभी धर्मों को समान नजर से देखना सरकार का काम है. अदालत आस्था से ऊपर एक धर्म निरपेक्ष संस्था है.

Ayodhya Verdict: फैसले का सम्‍मान करते हैं, पर संतुष्‍ट नहीं- मुस्लिम पक्ष

सीजेआई रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) की अध्‍यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने अयोध्‍या केस (Ayodhya Verdict) के फैसले में कहा कि विवादित जमीन रामलला विराजमान (Ramlala) को दी जाए.

महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन ही विकल्‍प! राज्‍यपाल के पास हैं ये रास्‍ते

देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के इस्‍तीफे के बाद राज्यपाल (Governor) भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat singh Koshyari) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो गई है. ऐसे में राज्यपाल आगे क्या निर्णय लेते हैं, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी.

उत्‍तराखंड के CM रहे हैं कोश्‍यारी, अब महाराष्‍ट्र के CM पर लेना है फैसला!

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में इन दिनों सरकार बनाने को लेकर शिवसेना (Shiv sena) और बीजेपी (BJP) के बीच खींचतान की स्थिति है. विधानसभा चुनाव के दो हफ्ते बाद भी राज्‍य में सरकार का गठन नहीं हो पाया है. ऐसे में राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी (Bhagat singh Koshyari) के पास कुछ विकल्‍प मौजूद हैं.

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